Hisar Coronavirus Update: 443 हुए कोरोना पॉजिटिव केस, मेयर बोले- गलत रिपोर्ट का खामियाजा भुगत रहा हूं

हिसार जिले में शनिवार को कोरोना के 21 मामले आए। वहीं कोरोना 15 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे। डिप्टी सीएमओ डा. जया गोयल द्वारा दी गई जानकारी अनुसार प्राणनाथ प्रणामी इंस्टीट््यूट में 67 वर्षीय बुजुर्ग व 55 वर्षीय महिला व कोरोना पॉजिटिव मिली। आजाद नगर में 30 व 34 वर्षीय के दो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिले। वहीं सूर्यवंशी पीजी में 26 वर्षीय युवती कोरोना पॉजिटिव मिली।

वहीं गांव खरड़ से 30 वर्षीय युवक, शिव कालोनी हिसार में 21 वर्षीय युवक व 27 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव मिले। शनिवार को मिले 21 मामलों को जोड़कर जिले में शनिवार तक कोरोना के कुल 443 मामले हो गए। वहीं 212 एक्टिव केस तथा 224 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे। विभाग की ओर से डा. बंसीलाल की टीम ने 30 प्रताप नगर से 30 सैंपल लिए। वहीं फ्लू क्लीनिक सहित फील्ड में करीब 200 सैंपल किए गए।

शारीरिक दूरी के नियम का नहीं हो रहा पालन

सिविल अस्पताल में कोरोना जांच के लिए सैंपल करवाने आने वाले लोगों को भीड़ का तो सामना करना ही पड़ता है। वहीं गर्मी से भी दो-चार होना पड़ता है। सिविल अस्पताल में फ्लू क्लीनिक के सामने कहने को शेड लगा दिया गया है। लेकिन अस्पताल में कोरोना के सैंपल करवाने के लिए आने वाली भीड़ के लिए यह शैड नाकाफी है आधे लोगों को अभी भी धूप में खड़े होना पड़ता है। घंटों लाइन में लगने के बाद सैंपल करवाने की बारी आती है। वहीं कई बार मरीजों को मोबाइल पर ओटीपी न आने के कारण भी देरी हो जाती है।

मेयर बोले – एक गलत रिपोर्ट का खामियाजा भुगत रहा हूं

हिसार: स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 में कितना संजीदा होकर काम कर रहा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मेयर के कोरोना निगेटिव होने के बाद भी पॉजिटिव मिलने वाले मरीज को मेयर के संपर्क का बताया जा रहा है। जब मेयर ने इसकी शिकायत सीएमओ डा. रत्ना भारती से की और पूरे मामले की जांच को कहा है। मेयर ने बताया कि सांसद बृजेंद्र सिंह की कोरोना रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने प्राइवेट लैब से कोरोना टेस्ट करवाया था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव थी। इसी दौरान सिविल अस्पताल में कराए टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। उन्होंने सीएमओ को दोनों रिपोर्ट भेज दी और पूछा कि किस को सही माना जाए क्योंकि दोनों टेस्ट भारत सरकार द्वारा अधिकृत लैब में हुए हैं। इसके बाद सीएमओ ने दोबारा सैंपल के लिए कहा। मेरे दो सैंपल लिए गए। एक सैंपल एनआरसी भेजा और दूसरा अग्रोहा मेडिकल कालेज। परिवार के भी सैंपल लिए गए। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। मैंने इस दौरान मेरे से जो संपर्क में आए उनके नाम भी लिखवा दिए थे।

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मगर उसके बाद समाचार पत्रों से पता चला कि एक व्यक्ति और पॉजिटिव मिला और उसका संपर्क मुझसे बताया जा रहा है जबकि ऐसा नहीं था। वह सांसद के संपर्क में था। इसकी जांच के लिए उन्होंने सीएमओ को कहा। मेयर ने बताया कि डा. रमेश पूनिया 25 साल पुराने मित्र हैं। उन्होंने कभी किसी को मना नहीं किया कि मेरे घर पोस्टर चस्पाओ या नहीं। स्वास्थ्य विभाग से अब तक कोई बात नहीं छिपाई। यहां तक कि वह सेक्टर 9-11 में जिस जगह रह रहे हैं, वह जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग को है। वह परिवार से दूर एक बंद मकान में हैं, क्योंकि उनके 55 गज के घर में अटैच बाथरूम नहीं है। परिवार से खाना डिस्पोजल में आता है वह दीवार पर रख जाते हैं। उन्होंने अपने बर्तन साथ रख रखे हैं। वहीं खाते हैं। एक गलत रिपोर्ट का खामियाजा भुगत रहा हूं फिर भी उनको साजिशन बदनाम किया जा रहा है।

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